आपका इस ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद आज के ब्लॉग में हम NCERT की कक्षा 6th की पुस्तक का अध्याय 8 का अध्यन करेंगे। ........... इस अध्याय में ह...
आपका इस ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद आज के ब्लॉग में हम NCERT की कक्षा 6th की पुस्तक का अध्याय 8 का अध्यन करेंगे। ...........
इस अध्याय में हम उत्तर वैदिक काल से लेकर महाजनपद काल तक गाँवो व शहरो का विकास कैसे हुआ और उनका रहन -सहन कैसा रहा इसका अध्यन करेंगे। ....
लोहे के औज़ार व खेती
- 1000 BC यानि लगभग 3000 साल पहले लोहे का इस्तेमाल आंशिक तौर पर शुरू हुआ था।
- परन्तु महाजनपद काल में पर्याप्त मात्रा में लोहे के औज़ारो व हथियारों आदि का इस्तेमाल शुरू हुआ था।
सिंचाई व्यवस्था
- इस काल के बीच में नहरों। कुओं , जलाशय आदि का निर्माण भी हुआ था।
लोहे के कारण कार्यशैली में परिवर्तन
- लोहे का इस्तेमाल होने के कारण लोगो की कार्यशैली में बहुत ज्यादा परिवर्तन होने लगे थे क्योकि लोगो ने ज्यादा परिश्रम करना शुरू कर दिया था जिस से लाभ ज्यादा होने लगे थे।
गांव का सामाजिक और आर्थिक ढांचा
- इस काल के दौरान दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के अधिकतर गांव में लगभग तीन तरह के लोग निवास करते थे।
दक्षिण भारत (तमिल )
- दक्षिणी भारत में बड़े भू -स्वामी को वेल्ला कहा जाता था।
- छोटे किसानो को उण्वार कहते थे।
- जिनके पास भूमि नहीं होती थी भूमिहीनों को दास, मजदूर , कडैसियार , आदिमई कहते थे।
उत्तरी भारत
- गांव के प्रधान को भोजक , ग्रामणी कहते थे।
- छोटे किसानो को गृहपति कहा जाता था।
- भूमिहीनों को दास , कर्मकार कहा जाता था।
- कुछ लोग अलग कार्य भी करते थे जैसे शिल्पकार होते थे - लौहार , कुम्हार , बढ़ई , बुनकर , मूर्तिकार आदि।
नगर
- नगरों में अनेक गतिविधियाँ होती थी जैसे राजनति और सत्ता के प्रमुख केंद्र नगरों में ही होते थे , व्यापार के वाणिज्य केंद्र भी नगरों में ही होते थे।
नगरों के विवरण की जानकारी
- नगरों के विषय में कहानियो से, धार्मिक साहित्यो से , विदेशी यात्रियों के लेखन से और मूर्तिकला से और खुदाई से मिली वस्तुओ से पता चलता है।
- महलो , बाजारों या घरो के अवशेष बहुत काम प्राप्त हुए है शायद उस समय घर कच्चे होते थे।
बोरीगाज़ा (भरुच का यूनानी नाम) की कहानी
- बोरीगाजा से शराब , तांबा, टिन , शीशा , मूंगा , पुखरराज ,कपडे , सोने और चांदी के सिक्के आदि आयात किये जाते थे।
अरिकामेडु का पतन
- पुडिचेरी के पास का क्षेत्र ( यहाँ से रोमन के साथ आयात, निर्यात होता था ) .
- यहाँ छोटे कुण्ड मिले है और यहाँ मनको के बनने के साक्ष्य भी प्राप्त हुए है।
मथुरा
- मथुरा की मूर्तिकला इस काल के दौरान बहुत प्रसिद्ध थी जिस पर कुषाणों का कब्ज़ा था।
- महाजनपद काल के दौरान ही सिक्को का प्रचलन शुरू हुआ था।
शिल्प और शिल्पकार
- शिल्कारो के होने का पुरास्थलों से जो अवशेष प्राप्त हुए उनसे पता चलता है , उस काल में शिल्पकार और व्यापारियों के संगठन होते थे।
प्राचीन तमिल रचनाये
- संगम साहित्य (संगम काल का इतिहास ) जो तमिलनाडु में होता था।
- लगभग ये रचनाये 2300 वर्ष पहले की गई थी जिनमे ग्रन्थ और कविताये शामिल थी।
- उत्तर भारत में साहित्य - उपनिषद , चाणक्य का अर्थशास्त्र , इण्डिका।
NCERT HISTORY CLASS 6TH CHAPTER - 9 व्यापारी राजा और तीर्थयात्री
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