औरंगजेब का इतिहास / Aurangjeb ka itihas

  परिचय  - औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 ई. को दोहद उज्जैन में हुआ था।  - उसके पिता का नाम शाहजहाँ और माता का नाम मुमताज / अरजुबन्द बानो ...

 परिचय 

- औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 ई. को दोहद उज्जैन में हुआ था। 

- उसके पिता का नाम शाहजहाँ और माता का नाम मुमताज / अरजुबन्द बानो था। 

- शाहजहाँ का राज्यभिषेक दो बार हुआ था। 

-  पहली बार राज्यभिषेक जुलाई 1658 ई. को हुआ थाऔर दूसरी बार जून 1659 ई. में हुआ था। 

- औरंगजेब ने अब्दुल मुज्जफर मुहीउद्दीन मुजफ्फर औरंजेब बहादुर आलमगीर बादशाह गाजी की उपाधि ली थी। 

- उसके गुरु का नाम मीर मुहम्मद था। 

- औरंगजेब ने एक ही विवाह किया था उसकी पत्नी का नाम राबिया उद दौरानी था। 

औरंगजेब से सम्बंधित बिंदु 

- वह एक इस्लाम धर्म के सुन्नी धर्म को मांनने वाला कट्टरपंथी था। 

- उसने 1665 ई. में हिन्दू मंदिरो को तोड़ने के आदेश दिए थे। 

- उसने सुन्नी धर्म के अनुसार संगीत, कला, नृत्य, चित्रकला पर प्रतिबन्ध लगा दिए थे। 

- जबकि मुग़ल वंश के शासक जहाँगीर कला प्रेमी था। 

- उसने कुरान के आदर पर शासन किया था। 

- औरंगजेब ने नवरोज त्यौहार, झरोखा दर्शन, तुलादान, तिलक करना, सिक्को पर कलमा खुदवाना जैसे कार्यो को बंद कर दिया था। 

- उसने सिजदा प्रथा, पाबोस प्रथा, दरबार में होली , दीवाली, को भी ब्नद कर दिया था। 

- 1679 ई. में जजिया कर (धार्मिक कर) को दोबारा शुरू कर दिया था। 

-  औरंगजेब ने गैर मुसलमान राज्यों को इस्लाम धर्म में बनाने का पूरा प्रयास किया था। 

- मुस्लिम उसको जिन्दा पीर कहते थे। 

औरंगजेब के काल के प्रमुख विद्रोह 

(1) जाट विद्रोह 

- जाटो का पहला विद्रोह, जो गोकुल के नेतृत्व में हुआ था पहला युद्ध तिलपत जिसमे गोकुल की हार हुई थी।  

- 1686 ई. में राजाराम के नेतृत्व में जाटो ने अकबर की हड्डियों को जलाया जिसकी हत्या कर दी गई थी परन्तु बाद में राजाराम के भतीजे चुरामन ने नेतृत्व किया था। 

- जाटो का विद्रोह औरंगजेब के शासनकाल के दौरान चलता ही रहा था। 

(2) सतनामियो का विद्रोह 

- यह विद्रोह धार्मिक मुद्दे पर था जो मेवात के क्षेत्रों में हुआ था। 

(3) सिक्खो का विद्रोह 

- यह विद्रोह भी धार्मिक विषय पर ही था क्योकि औरंगजेब ने सिक्खो के 9वे गुरु तेगबहादुर की हत्या 1676 ई. में करवाई थी। 

- उन्होंने इस्लाम धर्म को अपनाने से इंकार कर दिया था। 

(4) राजपूतो का विद्रोह 

- राजपूतो ने विद्रोह औरंगजेब की कट्टर नीतियों के कारण किया था 

(अ) मारवाड़ और मेवाड़ द्वारा 

- अकबर (औरंगजेब का पुत्र) उसने मराठो (राजपूतो) का सहयोग पाकर विद्रोह किया था परन्तु बाद में अकबर फारस चला जाता है और वही उसकी मृत्यु हो जाती है। 

दक्षिण भारत पर विजय 

- 1682 ई. में औरंगजेब ने दक्षिण भारत पर विजय अभियान शुरू किया था। 

- इस अभियान में उसने 1686 ई. में बीजापुर को जीता था और 1687 ई. में गोलकुंडा को जीता था। 

- औरंगजेब ने दक्षिण भारत में 25 साल बिताये थे जो उसके लिए कब्रिस्तान साबित हुआ था। 

औरंगजेब के काल में प्रमुख निर्माण 

- उसने अपने पत्नी के लिए बीबी का मकबरा बनवाया था जो औरंगाबाद में है। 

-  उसने दिल्ली के लाल किले में मोती मस्जिद का निर्माण भी कराया था। 

हिन्दुओ पर औरंगजेब द्वारा लगाया गया कर 

- अगर किसी व्यक्ति की आय 200 दिरहम तक है तो उसको प्रतिवर्ष 12 दिरहम कर देना होगा।

- यदि किसी की आय 200-10000 तक है तो उसको प्रतिवर्ष 24 दिरहम देना होगा। 

- यदि 10000 से ज्यादा आय होगी तो 48 दिरहम बतौर कर देना होगा। 

- औरंगजेब ने मुस्लिम स्त्री, बच्चो, गुलाम, भिखारी का कर माफ़ किया हुआ था। 

- परन्तु हिदुओ में किसी पर भी कर माफ़ी नहीं थी। 

औरंगजेब की मृत्यु 

- उसकी मृत्यु 3 मार्च, 1707 ई. को दक्षिण भारत में दौलताबाद में हुई थी 

- औरंगजेब को दौलताबाद के पास जैय-उल-हक़ के मजार के पास दफनाया गया था। 

- औरंगजेब की इच्छा थी कि उसके नाम से कोई मकबरा न बनवाया जाये। 


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